कुल्लू, प्रिया शर्मा :
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला मुख्यालय में 24 जुलाई को घायलावस्था में मिले जलशक्ति विभाग के जेई लाभ सिंह गुलेरिया की एम्स बिलासपुर में इलाज के दौरान मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
*एसपी कुल्लू मदनलाल कौशल* के अनुसार, यह कोई हादसा नहीं बल्कि *अवैध संबंध के शक में रची गई सोची-समझी हत्या की साजिश* थी।
*कैसे रची गई साजिश*
एसपी ने बताया कि 24 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली थी कि गांधीनगर के पास एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घायल को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर जेई को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया, जहां 26 जुलाई को उन्होंने दम तोड़ दिया।
शुरुआत में 25 जुलाई को मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। लेकिन मौत के बाद परिजनों की शिकायत पर *BNS की धारा 103 – हत्या* के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच में सामने आया कि जेई लाभ सिंह को *“पानी की पाइप लाइन चेक करने” के बहाने* गांधीनगर स्थित घर में बुलाया गया था। वहीं उन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
*महिला डॉक्टर सहित 4 गिरफ्तार*
मामले की जांच के लिए एएसपी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने *साइंटिफिक और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस* जुटाए, कॉल डिटेल खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की।
सबूतों के आधार पर पुलिस ने *क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात महिला डॉक्टर, उसके पति करण ठाकुर, देवर दिनेश ठाकुर और ससुर विजय कुमार* को गिरफ्तार किया है।
एसपी ने कहा, _“चारों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूछताछ में हत्या के कारणों और पूरी साजिश का खुलासा किया जा रहा है।”_

*FSL टीम करेगी घर से सबूत जुटाने का काम*
मामले को वैज्ञानिक आधार पर और मजबूत करने के लिए आज *FSL की टीम* आरोपी महिला डॉक्टर के घर पहुंचकर *फोरेंसिक साक्ष्य* जुटाएगी।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद *कुल्लू शहर और आसपास के इलाकों* में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी।