कुल्लू, करंट न्यूज़: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में नोडल शिक्षकों के लिए एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को मजबूत करना और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित करना रहा।
*नशा विरोधी अभियान में शिक्षकों की भूमिका पर जोर*
प्रशिक्षण में विभिन्न स्कूलों से आए नोडल शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नशे की समस्या, उसके कारण, लक्षण और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में स्कूल स्तर पर नशे के खिलाफ जागरूकता सबसे जरूरी है और इस दिशा में नोडल शिक्षक अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।

*डॉ. सत्यव्रत वैद्य रहे संसाधन व्यक्ति*
प्रशिक्षण सत्र में डॉ. सत्यव्रत वैद्य ने संसाधन व्यक्ति के रूप में भाग लिया। उन्होंने ड्रग अब्यूज यानी नशे की लत के विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. वैद्य ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों के बारे में बताया और साथ ही बताया कि शुरुआती स्तर पर ही बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे कक्षा में संवाद, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक और अभिभावक बैठकों के माध्यम से नशा विरोधी संदेश को घर-घर तक पहुंचाएं। साथ ही स्कूलों में काउंसलिंग सेल को सक्रिय करने और जरूरतमंद छात्रों की समय पर मदद करने पर बल दिया।
*स्कूलों में चलाए जाएंगे विशेष अभियान*
प्रशिक्षण के अंत में सभी नोडल शिक्षकों को अपने-अपने स्कूलों में नशा विरोधी क्लब गठित करने और नियमित रूप से जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
DIET प्रशासन ने कहा कि इस तरह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे। ताकि शिक्षक नशे के खिलाफ लड़ाई में फ्रंटलाइन योद्धा की भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताया और इसे स्कूलों में लागू करने का संकल्प लिया।