शिमला, करंट न्यूज़: हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनुबंध और दैनिक भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर लंबे समय से चले आ रहे असमंजस को खत्म कर दिया है। भू-अभिलेख निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को काल्पनिक नहीं, बल्कि वास्तविक आधार पर नियमितीकरण के सभी लाभ मिलेंगे।
*1 अक्टूबर से पूर्वव्यापी प्रभाव से नियमितीकरण*
भू-अभिलेख निदेशक अभिषेक वर्मा ने सभी जिला उपायुक्तों को पत्र भेजकर स्थिति साफ की है। पत्र में कहा गया है कि जिन अनुबंध और दैनिक भोगी कर्मचारियों ने 30 सितंबर 2024 तथा 30 सितंबर 2025 तक क्रमशः आवश्यक दो या चार वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें 1 अक्तूबर 2024 और 1 अक्तूबर 2025 से पूर्वव्यापी प्रभाव से नियमित किया गया है।
*एरियर सहित मिलेंगे सभी सेवा लाभ*
नियमितीकरण के बाद यह सवाल उठ रहा था कि लाभ काल्पनिक होंगे या वास्तविक। इस पर वित्तीय आयुक्त (राजस्व) ने कार्मिक विभाग से राय मांगी थी। कार्मिक विभाग ने 2 अप्रैल 2026 के निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि कहीं भी काल्पनिक आधार पर नियमितीकरण का उल्लेख नहीं है।
निर्धारित कटऑफ तिथि तक सेवा अवधि पूरी करने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को वास्तविक नियमितीकरण का लाभ मिलेगा। इसके तहत उन्हें नियमित कर्मचारी के रूप में सभी वास्तविक वित्तीय लाभ, एरियर तथा अन्य परिणामी सेवा लाभ प्रदान किए जाएंगे।
*उपायुक्तों को दिए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश*
कार्मिक विभाग की स्पष्ट राय के बाद भू-अभिलेख निदेशालय ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि इसी स्पष्टीकरण के आधार पर पात्र कर्मचारियों के मामलों में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह निर्णय राजस्व विभाग के अनुबंध और दैनिक भोगी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। इससे उनके नियमितीकरण से जुड़े वित्तीय और सेवा लाभों पर बनी सभी शंकाएं समाप्त हो गई हैं।