शिमला, करंट न्यूज़ : मंडी जिला के बालीचौकी ब्लॉक कार्यालय में ‘भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिर चुके BDO भवनेश चड्ढा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। पूर्व जिला परिषद सदस्य संत राम की शिकायत और सराज के प्रतिनिधि मंडल के दबाव के आगे सरकार झुक गई। मुख्यमंत्री ने सीधे प्रिंसिपल सेक्रेटरी को BDO के तत्काल तबादले के निर्देश जारी कर दिए हैं।
*‘शिकायत का बम’ फूटते ही एक्शन में सरकार*
संत राम ने CM के सामने BDO के ‘कारनामों’ की जो फाइल खोली, उससे शिमला तक हड़कंप मच गया। रोजाना सुबह शाम 33 KM दूर(चार चक्कर) सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग, ₹50,000 वाले सेग्रीगेशन यार्ड का घोटाला, हरियाली प्रोजेक्ट में मनमानी, मनरेगा मजदूरों का हक मारना और करोड़ों की पंचायत निधि को चुपचाप प्राइवेट बैंक में शिफ्ट करने जैसे संगीन आरोपों ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया।
*जगत नेगी की दो-टूक: “भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं”*
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने शिकायतकर्ता को भरोसा दिया कि BDO के खिलाफ लगे एक-एक आरोप की परतें उधेड़ी जाएंगी। “सरकारी पैसे की लूट किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं। जगत नेगी ने साफ कहा है कि उच्च स्तरीय जांच होगी और दोषी बख्शा नहीं जाएगा”।
*जनता की जीत, अफसरशाही को झटका*
CM के तबादला निर्देश और मंत्री के जांच के आश्वासन के बाद बालीचौकी ब्लॉक में प्रसन्ता का माहौल है। जनता इसे ‘सिस्टम पर जनता की ताकत की जीत’ बता रही है। वहीं ब्लॉक ऑफिस में सन्नाटा पसरा है।
*अब निगाहें जांच पर*
सवाल ये है – क्या तबादला सिर्फ ‘डैमेज कंट्रोल’ होगा या वाकई भ्रष्टाचार की जड़ पर वार होगा? क्या ₹50,000 के यार्ड और करोड़ों के बैंक ट्रांसफर का सच सामने आएगा? बालीचौकी की जनता अब जांच के साथ तबादला आदेश की तारीख का इंतजार कर रही है।