धर्मचंद यादव,
संपादक, करंट न्यूज़।
हिमाचल प्रदेश के विश्व विख्यात पर्यटन स्थल कुल्लू जिला में कुछ अरसे से नए पर्यटन स्थल बड़ी तेजी से उभर रहे हैं। उन्हें में एक बंजार घाटी भी शामिल है। जहां जिभी व गुसैणी (तिर्थन) दो घाटियां ऐसी हैं जो बड़ी तेजी से पर्यटन हब के तौर पर विश्व मानचित्र पर अपना स्थान बना रही हैं।
लेकिन लंबे समय से राजनीतिक उपेक्षा का शिकार बंजार विधानसभा क्षेत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। लेकिन कोई सरकार यहां की समस्या के निराकरण के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है। जबकि पिछले 8 सालों से यहां के विधायक सुरेंद्र शौरी यहां के विकास में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए हैं।

जनचर्चा के अनुसार पूर्व में भाजपा सरकार के कार्यकाल में वह केवल अपने परिवार और रिश्तेदारों को ठेके दिलाने में व्यस्त रहे। इलाके के समग्र विकास की तरफ उन्होंने कतई ध्यान नहीं दिया। औट-लुहरी नेशनल हाईवे की इतनी खस्ता हालत है कि लोग इस सड़क मार्ग पर सफर करने का जोखिम उठाने से बचने का प्रयास करते हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि पूर्व में प्रदेश की सत्ता में 5 साल भाजपा की सरकार रही और सुरेंद्र शौरी भाजपा के विधायक होने के नाते सरकार में शामिल रहे। लेकिन उन्होंने संपर्क मार्गों को तो छोड़िए नेशनल हाईवे की दशा सुधारने में भी कोई रुचि नहीं दिखाई।
जिसकी वजह से इस हाईवे की हालत बेहद खराब हो चुकी है। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने भी इस हाईवे को पूरी तरह से उपेक्षित कर रखा है। लोगों की मांग व आंदोलन के बावजूद भी कांग्रेस सरकार इस हाईवे की मरम्मत के लिए धन मुहैया नहीं करवा रही है।
जबकि दूसरी बार बंजार से भाजपा विधायक बने सुरेंद्र शौरी का इस सरकार के कार्यकाल में हाईवे को लेकर इतना रुदन बढ़ चुका है कि वह विधानसभा में भी इस हाईवे की मरम्मत के लिए आंसू बहाने से पीछे नहीं हटे। इतना ही नहीं इस बार तो वह दिल्ली में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी इस हाईवे के विस्तारीकरण व मरम्मत के लिए गुहार लगा आये।

अब उनकी इस गुहार पर गडकरी साहब भी पिघलते हैं या नहीं, यह तो बाद की बात है। क्योंकि इससे पूर्व भी एनडीए की सरकार में गडकरी साहब ही भूतल परिवहन मंत्री थे। लेकिन तब शौरी साहब अपनों संग व्यस्त थे। हाईवे का मसला उठाने को उनके पास वक्त ही नहीं था।
लेकिन अब कांग्रेस सरकार के आते ही उन्होंने हाईवे की दुर्दशा का रोना शुरू कर दिया। जबकि इसकी हालत भाजपा सरकार में भी बेहद खराब थी। चूंकि अब जिस तरीके से सुरेंद्र शौरी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में औट-लुहरी नेशनल हाईवे की मरम्मत व उसकी खस्ता हालत को लेकर हो हल्ला करते आ रहे हैं, भले ही वह किसी हद तक सही भी है।
लेकिन इतना शोर अगर वह जय राम की भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी करते तो निश्चित तौर पर इस नेशनल हाईवे की ही नहीं बल्कि बंजार विधानसभा क्षेत्र के अन्य संपर्क मार्गों की दशा भी किसी हद तक सुधर गई होती।

जबकि कांग्रेस सरकार का लगभग सवा तीन साल का कार्यकाल संपन्न होने को आ गया है। हाईवे की हालत बेहद खराब है। उसके साथ ही राज्य सरकार की हालत इस हाइवे से ज्यादा खराब बनी हुई है। ऐसे में इस हाईवे की दशा जल्द सुधरने की कतई उम्मीद नहीं है।
जबकि इस हाइवे पर रोजाना सैलानियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। वाहन चालकों के वाहनों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
सैलानी जिभी, सोझा, जलोड़ी व गुशैनी आना चाह रहे हैं और आ भी रहे हैं। लेकिन पूर्व व वर्तमान सरकार की राजनीति उपेक्षा के चलते उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। घंटे जाम में फंसे रहते हैं। स्थानीय पुलिस भी तमाशबीन बनी रहती है।
लोग खुद ही जाम खुलवाने की कवायद में लगे रहते हैं। अब इस हालत में भी इस इलाके में पर्यटन को नित्य नए पंख मिल रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार के साथ-साथ लोक निर्माण महकमा भी इस तरफ से पूरी तरह आंख मूंदे हुए हैं।
ऐसे में स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी का रुदन कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने हाल ही के विधानसभा सत्र में भी इस सड़क के साथ-साथ बंजार के अन्य विकास कार्यों पर भी अपनी बात रखी। लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल पाया है।
क्योंकि शौरी ने भाजपा सरकार के पूरे कार्यकाल में अपनों के फायदे के अलावा किसी अन्य कार्य को ज्यादा तरजीह नहीं दी। अगर वह जय राम सरकार में बंजार के विकास के लिए ठोस योजनाएं बनाते हुए धन मुहैया करवाते, तो निश्चित तौर पर आज बंजार की दशा व दिशा और होती।

हालांकि ऐसा भी नहीं है कि कांग्रेस की सुक्खू सरकार का बंजार में कोई नुमाइंदा नहीं है। उनके खास मित्र मियां राम सिंह सरकार में अपनी अच्छी पैठ रखते हैं। लेकिन वह भी अपने क्षेत्र की दुर्दशा को अनदेखा करते हुए एपीएमसी की अध्यक्षी का आनंद ले रहे हैं।
अगर मियां राम सिंह चाहे तो इस नेशनल हाईवे के लिए बजट का प्रावधान भी करवा सकते हैं और बंजार विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न संपर्क मार्गों की मुरमत के लिए भी धन का प्रावधान करवा सकते हैं। लेकिन वह इस तरफ से पूरी तरह अनभिज्ञ बने हुए हैं।
ऐसे में परेशानी बंजार की आम जनता व देश भर से आने वाले सैलानी झेलते आ रहै हैं। लेकिन जनप्रतिनिधि होने का दावा करने वाले सभी नेता लोगों की समस्याओं से विमुख सत्ता सुख ले रहे हैं। वहीं स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी हर मंच पर अपनी नाकामी का ठीकरा कांग्रेस सरकार पर फोड़ते आ रहे हैं।
लेकिन हकीकत यह है कि उन्होंने अपनी पार्टी की सरकार होते हुए भी क्षेत्र के विकास में कोई ऐसा मील पत्थर स्थापित नहीं किया, जिसका वह जनता के बीच खुल कर बखान कर सकें। साफ तौर पर कहे तो लोगों में यह चर्चा आम है कि विधायक ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में केवल अपनों को ही फायदा पहुंचाया है।