करंट न्यूज ब्यूरो
भुंतर (कुल्लू)
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के प्रसिद्ध लोकगायक सुखदास मुलिंगपा के बेटे पंकज मुलिंगपा के विवाह में लाहुल संस्कृति की झलक देखने को मिली। विवाह के सभी रीति रिवाज विशुद्ध लाहुली परंपरा के अनुसार संपन्न हुये।
उल्लेखनीय है कि सुखदास मुलिंपा का लाहुली लोक गीतों व लोक संस्कृति को सहेजने में महत्वपूर्ण योगदान है और वह आज भी लाहुली संस्कृति के संवर्धधन के लिये प्रयासरत हैं।
मंगलवार को भुंतर स्थित जनजातीय भवन में उनके बैंक अधिकारी बेटे पंकज मुलिंगपा का विवाह संपन्न हुआ। जिसमें लाहुली परंपराओं का निर्वाहन किया गया।
लाहुल के लोक कलाकार व फिल्मांकन से जुड़े शमशेर सिंह ने बताया कि लाहुल-स्पीति के मुलिंग गांव से संबध रखने वाले सुखदास मुलिंगपा ने अपने बेटे के विवाह मेें पूरी तरह से लाहुली संस्कृति को अधिमान दिया। सभी कारज लाहुली संस्कृति के अनुसार पूरे किये गये।
जबकि उनके बेटे का विवाह ठोलंग निवासी खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह की बैक अधिकारी बेटी मीरा सिंह के साथ संपन्न हुआ। दोनों ही परिवारों ने विवाह संबंधी रीति रिवाज में लाहुली परंपराओं व संस्कृति को अधिमान दिया।



