Spread the love

कुल्लू, करंट न्यूज़ : हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के बबेली क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने इंसानियत, प्रकृति एवं जीव प्रेम और साहस की अदभुत मिसाल पेश की। जहाँ पर जाल में बुरी तरह फंसे चार बेजुबान साँपों को बचाने के लिए भुंतर के समाजसेवी और वन्यजीव प्रेमी सोनू ठाकुर ने अपनी टीम के साथ मिलकर कठिन रेस्क्यू अभियान चलाया।

जानकारी के अनुसार, चारों साँप काफी समय से जाल में फंसे हुए थे। जाल इतना खतरनाक था कि साँप बुरी तरह उलझ चुके थे और खुद को बाहर निकाल पाने में असमर्थ थे। जैसे ही इसकी सूचना सोनू ठाकुर को मिली, तो वह बिना देर किए मौके के लिए रवाना हो गए। उनके साथ हुरला निवासी अभिषेक जम्वाल भी पूरी दृढ़ता के साथ इस मिशन में शामिल रहे।

रेस्क्यू नहीं था आसान

मौके तक पहुँचने के लिए टीम को पहले उफनती व्यास नदी पार करनी पड़ी। तेज बहाव और खतरनाक रास्तों के बीच झूले के सहारे टीम उस स्थान तक पहुँची, जहाँ चारों साँप जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे।
करीब एक घंटे तक लगातार मशक्कत चलती रही। हर पल खतरा था, लेकिन इन बेजुबान जीवों को बचाने का जज़्बा उससे भी कहीं बड़ा था।

दुर्भाग्यवश, लंबे समय तक जाल में फंसे रहने और भूख-प्यास के कारण एक साँप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। जबकि, तीन साँपों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बाद में उन्हें जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।

रेस्क्यू के बाद मृत साँप को भी सम्मानपूर्वक मिट्टी में दफनाया गया। यह दृश्य वहाँ मौजूद लोगों के दिलों को छू गया और यह साबित कर गया कि इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होती।

इस मौके पर सोनू ठाकुर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि साँपों को मारें नहीं, क्योंकि वे भी प्रकृति और पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि “अगर हम प्रकृति और वन्य व पृथ्वी जीवों की रक्षा करेंगे, तभी प्रकृति भी हमारी रक्षा करेगी।”

आज के दौर में जहाँ लोग अक्सर अपने स्वार्थ तक सीमित रह जाते हैं, वहीं बबेली में हुआ यह रेस्क्यू अभियान संदेश देता है कि इंसानियत अब भी ज़िंदा है।

Leave a Reply

error: Content is protected !!