कुल्लू, करंट न्यूज़ : ज्वाइंट टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (JTFI) के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय महासचिव हितेंद्र साहसी की अध्यक्षता में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात कर TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से प्रभावित शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार से प्रभावित शिक्षक वर्ग को राहत प्रदान करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की।
30 लाख शिक्षकों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट
ज्वाइंट टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव हितेंद्र साहसी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान देशभर में TET की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों की समस्याओं से मंत्री को अवगत करवाया।
उन्होंने कहा कि देश में लगभग 30 लाख शिक्षक इस मुद्दे से प्रभावित हो रहे हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में करीब 20 हजार जेबीटी, टीजीटी, शास्त्री, भाषा अध्यापक सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक इस समस्या का सामना कर रहे हैं।
जब TET अनिवार्य नहीं था, तब हुई थीं नियुक्तियां
हितेंद्र साहसी ने कहा कि अनेक शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू सेवा नियमों और निर्धारित योग्यताओं के आधार पर हुई थीं, जब उनके लिए TET अनिवार्य नहीं था। ऐसे में वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने TET की अनिवार्यता के कारण भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।
शिक्षकों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बच्चों के भविष्य को संवारने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगाए हैं। इसलिए उनके अनुभव, सेवाओं और नियुक्ति के समय लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत समाधान निकाला जाना चाहिए।
केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग
फेडरेशन ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से आग्रह किया कि वे इस गंभीर विषय को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं तथा प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में सहयोग करें।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करे, ताकि उनके सेवा हित सुरक्षित रहें और उन्हें भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
मंत्री नड्डा ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार लाखों शिक्षकों की भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी। फेडरेशन ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान, सेवा सुरक्षा और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि आपके विषय पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
यह रहे प्रतिनिधि मंडल में शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में खेम दास महंत, हरमेश लाल शर्मा, दिनेश ठाकुर, मनोहर लाल शर्मा, हरि सिंह ठाकुर, ईश्वर देव, प्रेम सिंह, गुरुदेव ठाकुर, दिनेश कुमार, भाग चंद, संत राम, प्रिया ठाकुर, जोगिन्द्र पाल, विनोद कुमार, पवन शर्मा, अशोक कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।