मनाली, करंट न्यूज़ : हिमाचल दौरे के दूसरे दिन मनाली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम आस्था, विकास और जनसंपर्क का संगम रहा। दिन में जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध अटल टनल का दीदार किया।
वहीं शाम को ढुंगरी स्थित माता हिडिंबा मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद मालरोड की सैर पर निकलकर खरीदारी भी की।राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल कवींद्र गुप्ता और बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहे।

पूलें पहनकर हिडिंबा मंदिर पहुंचीं राष्ट्रपति
माता हिडिंबा के दर्शन के लिए राष्ट्रपति ने कुल्लू की देव परंपरा का सम्मान करते हुए भांग के रेशों से बनी पारंपरिक हिमाचली पूलें पहनीं। मंदिर परिसर के पास बनाए गए पंडाल में जूते उतारकर उन्होंने पूलें पहनीं और फिर मंदिर में प्रवेश किया।

राष्ट्रपति और राज्यपाल ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की शांति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राष्ट्रपति के लिए अलग-अलग नाप की 10 पूलें विशेष रूप से मंगवाई गई थीं, जबकि उनके साथ आए अधिकारियों के लिए 35 पूलें उपलब्ध करवाई गईं।

मालरोड पर आम नागरिक की तरह की सैर
हिडिंबा मंदिर में दर्शन के बाद राष्ट्रपति मनाली के मालरोड की सैर पर निकलीं। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्होंने पैदल मालरोड का भ्रमण किया, स्थानीय लोगों और पर्यटकों का अभिवादन स्वीकार किया और दुकानों पर रुककर खरीदारी भी की।
राष्ट्रपति को मालरोड पर देखकर स्थानीय लोगों और सैलानियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उनके इस सहज भ्रमण ने मनाली के लोगों को गौरवान्वित किया।

इससे पहले निहारी अटल टनल
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति ने 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल का दौरा किया। नॉर्थ पोर्टल पर स्थानीय लोगों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। मंत्री राजेश धर्मानी ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस दौरान सांसद कंगना रनौत, विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण बडाना सहित प्रशासन और सेना के अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने टनल की इंजीनियरिंग और तकनीकी जानकारी ली और आसपास के हिमालयी सौंदर्य को निहारा।