शिमला, करंट न्यूज़ :
हिमाचल प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया के सामने लाने के लिए *राज्य स्तरीय लाहुल-स्पीति जनजातीय उत्सव* का आयोजन *14 से 16 अगस्त* तक केलांग में किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए *उपायुक्त लाहुल-स्पीति किरण भड़ाना* ने शनिवार को शिमला में *मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू* से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें आधिकारिक निमंत्रण पत्र सौंपा।
इस अवसर पर उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को उत्सव की तैयारियों और रूपरेखा से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को लाहुल-स्पीति की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए प्रशासन को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
*टीजर का अनावरण 10 अगस्त को*
उपायुक्त किरण भड़ाना ने बताया कि उत्सव के आधिकारिक टीजर का अनावरण *10 अगस्त को प्रातः 11 बजे जनजातीय संग्रहालय केलांग* में किया जाएगा। यह टीजर उत्सव की सांस्कृतिक भावना को दर्शाने वाला प्रमुख प्रचार माध्यम होगा।
*केलांग में तीन दिन गूंजेगी लाहुल की संस्कृति*
*14 से 16 अगस्त 2026 तक केलांग* में होने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव में लाहौल घाटी की सदियों पुरानी परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। उत्सव के दौरान लाहौल की *विशिष्ट जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली* को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
*उत्सव में ये रहेंगे आकर्षण:*
– *लोक कला और लोक संगीत*: लाहुल के पारंपरिक लोक गीत, नाटी और अन्य लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां।
– *पारंपरिक वेशभूषा*: लाहुलियों की रंगीन और अनूठी पारंपरिक पोशाकों की झलक।
– *स्थानीय कला एवं हस्तशिल्प*: ऊनी वस्त्र, लकड़ी के सामान और अन्य हस्तशिल्पों की प्रदर्शनी।
– *पारंपरिक खान-पान*: लाहौल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद।
– *ग्रामीण जीवनशैली*: जिले की ग्रामीण संस्कृति और दैनिक जीवन की झांकी।
– *प्राकृतिक सौंदर्य*: लाहुल के पर्वतीय परिदृश्य और प्राकृतिक विविधता को भी विशेष रूप से दर्शाया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि इस टीजर और उत्सव के माध्यम से लाहुल की *सदियों पुरानी परंपराओं और आधुनिक समय के साथ उनके निरंतर विकास* को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
*स्थानीय कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच*
किरण भड़ाना ने कहा कि यह उत्सव लाहौल की विशिष्ट संस्कृति को व्यापक मंच देने का अवसर है। इसके माध्यम से *स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और युवाओं* को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का उत्सव *लाहुल की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक आकांक्षाओं के सुंदर समन्वय* को प्रदर्शित करेगा।
उपायुक्त ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से *14 से 16 अगस्त तक अधिक से अधिक संख्या में केलांग पहुंचकर* इस भव्य जनजातीय उत्सव का हिस्सा बनने का आह्वान किया।