केलंग, करंट न्यूज़ : हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहुल स्पीति के अति दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी का करपट गांव वर्षों से बाढ़ का संकट झेलता आ रहा है। इसकी वजह से जहां इस गांव की बस्ती को खतरा पैदा हो गया है, वही किसानों की खेती बाड़ी भी संकट में पड़ गई है।
लेकिन गांव व खेती-बाड़ी को बचाने के लिए विधायक अनुराधा राणा ने ठोस कदम उठाते हुए गांव की सुरक्षा के लिए अधिकारियों के साथ योजना तैयार करवा कर उसे मुख्यमंत्री से स्वीकृत करवाया।उसके बाद यहां पर गांव की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर कार्य शुरू हो गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विधायक अनुराधा राणा ने बताया की मयाड़ घाटी का करपट गांव कई वर्षों से बाढ़ की मार झेल रहा है। हर वर्ष किसानों के खेतों एवं फसलों के नुकसान के साथ पूरा गांव खतरे की जद में लगातार बना हुआ है।
बताया कि गांव को बचाने के लिए उन्होंने जल शक्ति विभाग को बाढ़ नियंत्रण कार्य के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। वहीं, मुख्यमंत्री से इस कार्य के लिए लगभग आठ करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत करवाया और इस बार इसका कार्य आरंभ करवाया दिया गया है।
ताकि आने वाली मानसून या बाढ़ की स्थिति में गांव को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सके। अनुराधा राणा के मुताबिक आजकल यह कार्य पूर्ण रूप से प्रगति में है। उन्होंने उम्मीद जताई हैं कि गांव एवं खेतों को बचाने के लिए यह कार्य कारगर साबित होगा।
विधायक अनुराधा राणा ने इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू का आभार जताने के साथ ही जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अजय गुप्ता एवं उनकी पूरी टीम का भी आभार जताया है। जिन्होंने तय सीमा में डीपीआर बनाने के साथ ही कार्य को धरातल में लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।