नई दिल्ली : 18 जनवरी, 2024 को अजित पवार ने एक ट्वीट किया था, ‘जब हम हेलीकॉप्टर या प्लेन से सफ़र करते हैं और हमारा प्लेन या हेलीकॉप्टर स्मूदली लैंड करता है तो समझ जाइए कि पायलट महिला है।’
मगर अफसोस जिस लियर जेट 45 प्लेन से अजित पवार सफर कर रहे थे, उसमें महिला पायलट शाम्भवी पाठक मौजूद तो थीं लेकिन को पायलट के तौर पर। जबकि प्लेन का पूरा कंट्रोल मेन पायलट कैप्टन सुमित कपूर के पास था।
2024 के इसी जनवरी के महीने में पता नहीं अजित पवार ने क्या सोच कर ये ट्वीट किया था। लेकिन उनके उस ट्वीट के ठीक 2 साल 10 दिन बाद सचमुच उनका प्लेन स्मूदली लैंड नहीं कर पाया और क्रैश हो गया।
28 जनवरी 2025, सुबह 8 बजकर 10 मिनट
छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मुंबई
वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की चार्टर्ड फ्लाइट लियर जेट 45 मुंबई एयरपोर्ट से सुबह ठीक 8 बजकर 10 मिनट पर महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरती है।
प्लेन में अजित पवार के अलावा उनका एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक अटेंडेंट और दो पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को पायलट शांभवी पाठक सवार थे। 9 सीटों और 2 इंजन वाला ये प्लेन एक बार में 3700 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकता है।
मुंबई एटीसी से क्लियरेंस मिलते ही विमान सुबह ठीक 8 बजकर 10 मिनट पर रनवे छोड़ देता है। बारामती तक की 250 किलोमीटर की दूरी लगभग 40 मिनट में पूरी होनी थी। वजह ये थी कि बारामती के आसपास पहाड़ियां हैं। मुंबई से जब प्लेन ने उड़ान भरी तभी ये साफ हो गया था कि बारामती और पुणे दोनों ही जगह घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम है।
प्लेन बिना किसी रुकावट के उड़ते हुए अब बारामती के करीब पहुंच गया था। रनवे सिर्फ 6 किलोमीटर दूर था। एटीसी यानि एयर ट्रैफिक कंट्रोल और लियर जेट 45 के पायलट के बीच अब भी संपर्क बना हुआ था। एटीसी ने प्लेन को रनवे नंबर 29 पर उतरने की इजाजत दे दी थी।
लेकिन ठीक 6 किलोमीटर पहले जब प्लेन काफी नीचे उड़ान भर रहा था। तभी पायलट ने रनवे नंबर 29 पर प्लेन को उतारने की बजाय प्लेन का रुख मोड़ दिया। शायद वजह ये थी कि पायलट को रनवे साफ दिखाई नहीं दे रहा था। अब पायलट ने लैंडिंग की दूसरी कोशिश की।
इस बार प्लेन का रुख रनवे नंबर 11 की तरफ था। शायद पायलट रनवे 11 पर प्लेन को उतारना चाहता था। लेकिन रनवे तक पहुंचने से पहले ही अचानक हवा में ही प्लेन लड़खड़ाने लगता है और एयरपोर्ट के करीब एक गांव के नजदीक खेत में जा गिरता है।
प्लेन के गिरते ही आग और काले धुएं का एक गुबार आसमान की तरफ उठता दिखाई देता है। सीसीटीवी की जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो ठीक प्लेन क्रैश के वक्त की ही हैं और एक शख्स इस प्लेन क्रैश का गवाह है जिसने अपनी आंखों से प्लेन को गिरते देखा।
हर विमान हादसे की तरह इस विमान के गिरते ही फ्यूल टैंक में आग लग चुकी थी। प्लेन में सवार किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला। अजित पवार समेत प्लेन में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को पायलट शाम्भवी पाठक भी शामिल थीं।
कैप्टन सुमित कपूर जो इस चार्टेर्ड प्लेन को उड़ा रहे थे वो एक बहुत ही सीनियर पायलट थे। प्लेन उड़ाने का 16 हजार घंटे का एक्सपिरियंस था उन्हें। इससे पहले वो कई नामी एयरलाइंस में भी प्लेन उड़ा चुके थे। जबकि को पायलट शाम्भवी पाठक को भी प्लेन उड़ाने का 15 सौ घंटे का तजुर्बा था।
कैप्टन सुमित कपूर के बेटे भी इसी वेंचर्स लिमिटेड के प्लेन के पायलट हैं। कंपनी के मालिक के मुताबिक प्लेन उड़ान के लिए पूरी तरह फिट था। अब सवाल ये है कि 16 साल पुराना ये प्लेन क्यों क्रैश हुआ? हादसे की वजह क्या थी? एक्सपर्ट्स की माने तो ये प्लेन क्रैश तकनीकी खामियों के चलते नहीं हुआ। इसकी संभावना सिर्फ एक फ़ीसदी है। वजह ये है कि इस प्लेन में दो इंजन थे। दोनों इंजन एक साथ फ़ेल हो जाए ऐसा कभी होता नहीं है।
तो फिर हादसे की क्या वजह रही?
एक्सपर्ट की मानें तो इसकी दो ही वजह है। पहला विजिबिलिटी कम होने की वजह से पायलट को रनवे दिखाई न देना और दूसरा कम विजिबिलिटी के चलते प्लेन को मोड़ने की कोशिश के दौरान प्लेन पर से कंट्रोल खो देना। ठीक इसी कंपनी का ऐसा ही प्लेन 14 सिंतबर 2023 को मुंबई एयरपोर्ट के करीब क्रैश कर गया था। उस दिन भी लो विजिबिलिटी थी और बारिश हो रही थी।
लिय़रजेट 45 प्लेन की कहानी
पूरी दुनिया में लिय़रजेट 45 के 248 प्लेन हैं। ये प्लेन एक अमेरिकी कंपनी बॉम्बाडियर ने पहली बार 7 अक्तूबर 1995 को बनाया था। तीन साल बाद ही इस कंपनी का प्लेन क्रैश कर गया था। ये हादसा अमेरिका में हुआ था। लेकिन इसमें किसी की जान नहीं गई थी।
इसके बाद से लिय़रजेट के कुल पांच प्लेन अब तक क्रैश कर चुके हैं। 2017 में बॉम्बाडियर कंपनी ने लियरजेट प्लेन का प्रोडक्शन बंद करने का एलान कर दिया था। इस प्लेन की आखिरी डिलिवरी 2012 में की गई थी। लियरजेट 45 के एक प्लेन की कीमत 80 से सौ करोड़़ के बीच है।
अमूमन ये प्लेन लोग प्राइवेट या चार्टर्ड प्लेन के तौर पर किराए पर लेते हैं। दो घंटे की उड़ान का किराया आठ से दस लाख रुपये है। वीएसआर वेंचर्स लिमिटेड कंपनी के पास कुल सात प्लेन है, जिनमें से एक क्रैश हो गया।
फिलहाल, डीजीसीए यानी डायरेक्ट्रेट जनरल सिविल एविएशन ने हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में शुरूआती रिपोर्ट आ भी जाएगी।
नया नहीं है प्लेन क्रैश का सिलसिला
अजित पवार से पहले भी कई नेताओं की जान प्लेन क्रैश में जा चुकी है। संजय गांधी, माधव राव सिंधिया, वाइएसआर रेड्डी, दोरजी खांडू, जीएमसी बालयोगी, जनरल बिपिन रावत, विजय रुपाणी और अब अजित पवार। हमारे देश के ये वो नेता हैं जिन्हें हवाई जहाज खा गया।
ये सभी नेता किसी बड़े जहाज में, किसी चार्टर्ड में, किसी चौपर में या किसी ट्रेनिंग ग्लाइडर में सवार थे जब ये हादसा हुआ। आजाद हिंदुस्तान के जिस पहले प्लेन क्रैश ने पूरे देश को सोगवार कर दिया था वो दिल्ली में हुआ वो विमान हादसा था जिसमें संजय गांधी की मौत हो गई थी।