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करंट न्यूज ब्यूरो
शिमला


हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कॉच स्टेट ऑफ गवर्नेंस रिपोर्ट-2021 में राष्ट्रीय स्तर पर वित्त और राजस्व श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जोकि हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

जानकारी देते हुए प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त यूनुस ने बताया कि इंडिया हैबिटेट सेंटर, भारत शासन मंच के एक भाग के रूप में, नई दिल्ली में पुरस्कार समारोह में राज्य कर और आबकारी विभाग हिमाचल प्रदेश को पहला पुरस्कार प्रदान किया गया।

बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में एचपी-वैट-आईटी परियोजना को लागू करने व लगभग 31 ऑनलाइन सेवाओं को शुरू करने, करदाताओं और अन्य हितधारकों पर व्यापार से संबंधित अनुपालन बोझ को कम करने के साथ ही युक्तिसंगत बनाने के लिए राज्य को इस सम्मान के लिए चुना गया।

यूनुस ने बताया कि कोविड प्रतिबंधों के बावजूद, राज्य कर और आबकारी विभाग ने लगभग वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 8,500 करोड़ का संग्रह किया। जोकि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 7,000 करोड़ के मुकाबले 20 फीसदी अधिक है।

बताया कि राजस्व में यह पर्याप्त वृद्धि विभाग द्वारा उठाए गए सक्रिय उपायों, फील्ड अधिकारियों को आईसीटी आधारित हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रदान करने, फील्ड अधिकारियों और हितधारकों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से बेहतर अनुपालन के लिए नियमित जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करने के कारण हुई है।

यूनुस ने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्रिय दृष्टिकोण और निरंतर मार्गदर्शन के कारण संभव हुआ है। उन्होंने विभाग को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
उल्लेखनीय है कि विभाग ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए आबकारी ई-गवर्नेंस परियोजना के क्रियान्वयन करने के लिए स्कॉच पुरस्कार भी जीता है।

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